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बिहार : गांव की गलियों से लेकर शहरों तक बढ़े मदद के हाथ
By मनोज पाठक | Bharat Defence Kavach | Publish Date: 4/13/2020 1:23:16 PM
बिहार : गांव की गलियों से लेकर शहरों तक बढ़े मदद के हाथ

पटना: कोरोना के इस संक्रमण काल में जहां आम से लेकर खास की परेशानियां बढ़ी हैं, वहीं कई संस्थाएं और सामाजिक लोग मदद की हाथ बढ़ाकर परेशान हो रहे इन बेसहारा और असहायों के उम्मीदों को पूरा करने के लिए भी आगे आए हैं।

राजनीति दलों और सरकारी माध्यमों के इतर गांव से लेकर शहर और कस्बों तक में लोग इस लॉकडाउन में परेशान लोगों की मदद में हाथ बंटा रहे हैं। गौरतलब बात है कि जिससे जितना बन पड़ रहा है वे आगे आए हैं। अनुकृति आर्ट संस्था चलाने वाली अनुकृति जहां अपने परिवारों की मदद से भागलपुर के शाहकुंड में इस लॉकडाउन के दौरान कठिनाईयों का सामना कर रहे 50 परिवारों के बीच राशन और जरूरत का सामान बांटी।

मधुबनी पेंटिंग और मंजूशा कला में कई पुरस्कार पा चुकी अनुकृति का कहना है कि इस दौर में यह छोटी सी कोशिश सभी लोगों द्वारा आसपास के क्षेत्रों में की जाए तो आसानी से यह कठिन दौर निकल जाएगा। उन्होंने इस दौरान लोगों को कोरोना से बचने के उपाय भी बताए। अनुकृृति कहती हैं कि आगे भी वह ऐसे लोगों को मदद पहुंचाएंगी।

इधर, सैकड़ों महिलाओं को सिलाई और कटाई का प्रशिक्षण दे चुकी संस्था अंग मदद फाउंडेशन नाथनगर प्रखंड के चंपानगर क्षेत्र में भी जरूरतमंदों को लगातार राशन पहुंचा रही है।संस्था की प्रमुख वंदना झा आईएएनएस से कहती हैं कि जरूरतमंदों की परेशानी की सूचना मिलने या उनके द्वारा फोन किए जाने के बाद उन्हे संस्था द्वारा मदद पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक ऐसे 200 से ज्यादा लोगों को मदद पहुंचाया गया है।

कटिहार के हसनगंज प्रखंड के घुमंतू परिवार के लोगों की परेशानी भी लॉकडाउन के कारण चरम पर पहुंच गई है। लॉकडाउन के दौरान अपने पत्नी, बच्चों के साथ फंसे ये परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गए थे। इसकी भनक लगते ही 50 से 60 लोगों की इस समूह के मदद के लिए ग्रामीण सामने आए हैं।

राम जनसेवा समिति ने इन परिवारों को चावल, दाल, आलू आदि राशन उपलब्ध कराया है। जमुई जिले के नक्सल प्रभावित जिले जमुई के ग्रामीण इलाकों में दिहाड़ी मजदूरों की हालत खराब है। इन लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कई लोग सामने आए और उनकी मदद के लिए अपना हाथ बढ़ा रहे हैं।

शुमार हरखाड़ पंचायत में समाजिक कार्यकर्ता महेश साव के नेतृत्व में डायमंड क्लब के सहयोग से दर्जनों गरीब परिवारों के बीच खाद्य सामग्री के रूप में चावल, दाल, तेल, नमक, मसाला तथा साबुन का वितरण किया गया। ऐसे लोगों के सामने आने और मदद का हाथ बंटाने के बाद जहां असहायों और निर्धन लोगों की परेशानियां कम हुई है वहीं उन्हें राहत भी मिली हैं। ऐसे लोग जहां राषन पहुंचा रहे हैं, वहीं कोरोना से बचने की सलाह दे रहे हैं।

इस संक्रमण काल में ऐसे तो चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों की सेवा का कोई मुकाबला नहीं है। चिकित्सक जहां लगातार अस्पतालों में कोरोना से बचाने के लिए दिन रात एक कर रहे हैं वहीं पुलिसकर्मी भी लोगों को इस लॉकडाउन का पालन करवाने में लगे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से जंग लड़ने के लिए 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है।

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कोरोना,संक्रमण,संस्थाएं,सामाजिक,मदद,बेसहारा,असहायों,

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