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यूईसी बैंगलोर में भारत के साथ एयरो इंजन कोऑपरेशन प्रोग्राम्स की चर्चा करेगा
By आईएएनएस | Bharat Defence Kavach | Publish Date: 7/9/2019 5:02:48 PM
यूईसी बैंगलोर में भारत के साथ एयरो इंजन कोऑपरेशन प्रोग्राम्स की चर्चा करेगा

यूईसी की योजना भारतीय सशस्त्र सेना, हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और भारतीय वायु कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा करने की है जो रूसी एयरोटेकनीक के अधिग्रहण के इच्छुक हो सकते हैं। यूईसी के डायरेक्टर जनरल, अलेक्जेन्डर आर्टीयूखोव कहते हैं, भारत दशकों से यूईसी के सबसे महत्वपूर्ण विदेशी साझेदारों में से एक बना हुआ है और इसके उत्पादन के प्रमुख बाजारों में से एक है।

विकास और भिन्न इस्तेमाल के लिए आधुनिक इंजन के सीरियल निर्माण के अपने कौशल के साथ हम मौजूदा सहयोग को बढ़ावा देने के उत्सुक है। यूईसी ना सिर्फ भारत में इंजन की डिलीवरी बढ़ाने की कोशिश कर रही है बल्कि बिक्री के बाद की सेवा की गति और गुणवत्ता भी बढ़ाना चाहती है ताकि अपने ग्राहकों की सहायता के लिए एक एकीकृत प्रणाली का निर्माण किया जा सके। कॉरपोरेशन नए भारतीय एयरफ्रेम के लिए इंजन बनाने की भविष्य की परियोजनाओं को पूरा करने में भागीदारी के लिए भी तैयार है।

यूईसी भारत में मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत काम करता है। कई परियोजनाओं के ढांचे में, भारत सरकार की एजेंसियों के करीबी सहयोग में कंपनियों की स्थापना की जाती है। कॉरपोरेशन भारतीय ग्राहकों - मुख्य रूप से रक्षा मंत्रालय और एचएएल के साथ सीधा संबंध बना रहा है। उदाहरण के लिए, 2015 में यूईसी का पंजीकरण भारतीय वायु सेना और नौसेना के साथ-साथ एचएएल के एक अधिकृत आपूर्तिकर्ता के रूप में हुआ था।     
  
यूईसी और भारत के बीच बड़े पैमाने का सहयोग मुख्य रूप से सैनिक उड्डयन के क्षेत्र में जारी है। सबसे बड़ी परियोजना एएल-31एफपी इंजन किट्स (Su-30MKI फाइटर) की डिलीवरी है जो इस समय चल रही है। इसका उपयोग भारत में लाइसेंस वाले उत्पादन में किया जाता है। इस समय यूईसी को भी भारतीय ग्राहकों से असैनिक उत्पादन की उम्मीद है।  यूईसी के स्टैंड (नंबर ए 2.3.4, हॉल А) में आने वाले पांचवीं पीढ़ी के सिविल इंजन पीडी-14, कौमबैट एविएशन इंजन एएल-41एफ-1एस कौमबैट एविएशन इंजन, हेलीकॉप्टर का बिल्कुल नया इंजन वीके-2500पीएस और इंजन डिजिटल कंटॅरोल सिस्टम बार्क-88 देख सकते हैं। 

एएल-41एफ-1एस 4++ पीढ़ी का एक टर्बोफैन इंजन है जिसमें आफ्टर बर्नर और थर्स्ट वेक्टरिंग नोजल है। यह एसयू 35एस मल्टीरोल फाइटर विमानों में लगा हुआ है। यह इंजन आफ्टर बर्नर के बिना सुपरसोनिक स्पीड मुहैया कराता है जो पांचवीं पीढ़ी की मुख्य आवश्यकताओं में एक है। पीडी-14 इंजन का विकास यूईसी ने एमसी-21 एयरलाइनर को शक्ति देने के लिए किया है। इस इंजन में सबसे नई या अद्यतन टेक्नालॉजी और सामग्री का उपयोग किया गया है। इनमें कंपोजिट्स शामिल हैं जिनका इंजन में सघन रूप से उपयोग होता है। इस समय पी-14 फ्लाइट टेस्ट के दूसरे चरण से गुजर रहा है जो इंजन और इसकी प्रणाली की कार्ययोग्यता साबित कर रहा है।    
  
वीके-2500पीएस टर्बोशॉफ्ट हेलीकॉप्टर इंजन खूब उपयोग किए जाने वाले वीके-2500 इंजन में नवीनतम संशोधन है जो विस्तारित सेवा जीवन के साथ है। इसमें आधुनिक फुल अथॉरिटी डिजिटल इंजन कंट्रोल सिस्टम का उपयोग किया जाता है जो उच्च एक्सप्लाटेशन खासियतें मुहैया कराता है।  
  
एयरो इंडिया 2017 यूईसी में पहली बार बार्क-88 का प्रदर्शन किया जाएगा। यह नवीनतम इंजन डिजिटल कंट्रोल सिस्टम है जिसका विकास खासतौर से आरडी-33 फैमिली टर्बोफैन इंजन के लिए किया गया है जो एमआईजी (मिग)-29 फाइटर जेट को शक्ति देते हैं। यूईसी (यूनाइटेड इंजन कॉरपोरेशन, रोसटेक स्टेट कॉरपोरेशन का भाग) एक एकीकृत संरचना है जो इंजन के विकास, सीरियल उत्पादन, सैनिक और असैनिक उड्डयन के लिए सेवा और सपोर्ट, स्पेस प्रोग्राम और नौसेना एपलीकेशन के साथ-साथ तेल और गैस उद्योग तथा ऊर्जा उत्पादन के लिए सुविज्ञ है। 

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यूईसी,एचएएल,एयरोटेकनीक,एएल-41एफ-1एस 4++,पीडी-14 इंजन,टर्बोफैन

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