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मुस्लिमों को लेकर पूर्वाग्रह ही ज्यादा : मोरक्को के राजदूत
By रीतू तोमर | Bharat Defence Kavach | Publish Date: 7/3/2017 5:10:54 PM
मुस्लिमों को लेकर पूर्वाग्रह ही ज्यादा : मोरक्को के राजदूत

नई दिल्ली: दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही आतंक की घटनाओं के लिए आरोपों की उंगली हर बार मुसलमानों की ओर उठती है। अलबत्ता, आतंकवाद को इस्लाम से जोड़े जाने का यह कुचलन बीते वर्षो में बढ़ा ही है, लेकिन भारत में मोरक्को के राजदूत मोहम्मद मलीकी इस धारणा को समुद्र में बूंद के समान मानते हैं। वह कहते हैं कि मुसलमानों को लेकर दुनिया में एक पूर्वाग्रह की स्थिति बनी हुई है और यही वजह है कि इस धर्म विशेष के लोगों को शक की नजरों से देखा जाता है।

मोरक्को एक मुस्लिम बहुल देश है, जहां की एक बड़ी आबादी मुसलमान है। दुनियाभर में बढ़ रही आतंकवादी घटनाओं के लिए मुसलमानों को जिम्मेदार मानने के सवाल पर राजदूत मोहम्मद मलीकी ने विशेष बातचीत में कहा, "मुस्लिमों को आतंकवाद से जोड़ना पूर्वाग्रह के सिवा और कुछ नहीं है। पूर्वाग्रह से ग्रस्त लोग अपना मकसद पूरा करने के लिए दुष्प्रचार में लगे हुए हैं। मैं यह नहीं कहता कि जो कहा जा रहा है, वह पूरी तरह झूठी है। मगर यह स्थिति समुद्र में एक बूंद की तरह है। इस तरह के पूर्वाग्रहों से मुसलमानों की 1.7 अरब की आबादी के बारे में राय नहीं बनाई जा सकती।" 

उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म को आतंकवाद से जोड़ना सबसे बड़ी बेवकूफी है। कुछ लोग हिंसा फैलाने के लिए इस तरह के हथकंड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

भारत और मोरक्को के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में प्रगाढ़ हुए हैं, जिसमें 2015 में मोरक्को के सुल्तान मोहम्मद-6 की भारत यात्रा का बहुत बड़ा योगदान है। मलीकी कहते हैं, "मोरक्को के सुल्तान मोहम्मद छठम आखिरी बार 2015 में भारत-अफ्रीका सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आए थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई रणनीतिक साझेदारियां हुई थीं। दोनों देशों के बीच खाद्यान्न एवं उवर्रक क्षेत्र में समझौते हुए हैं। दोनों देशों के बीच तीन संयुक्त उपक्रम समझौते भी हुए हैं। मोरक्को एशिया में सर्वाधिक निवेश भारत में ही कर रहा है। मैं आश्वस्त हूं कि आगे भी दोनों देशों के संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे।"

मोरक्को के राजदूत दोनों देशों के बीच संबंधों को किस तरह से देखते हैं? यह पूछने पर वह कहते हैं, "मैं मानता हूं कि दो देशों के बीच संबंधों की बहाली के लिए कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं पड़ती, बस इसके लिए ईमानदार प्रयास की जरूरत होती है। जैसे अभी हम सिनेमा के जरिए भारत के बारे में जान रहे हैं।" वह कहते हैं, "भारत और मोरक्को के संबंधों के प्रगाढ़ होने में सिनेमा की भी बड़ी भूमिका रही है।"

मलीकी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और मोरक्को की जनता के बीच उनकी छवि के बारे में पूछने पर कहते हैं, "मोदी स्टेट्समैन हैं। उनके नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। मोरक्को के लोग उन्हें विकास पुरुष के रूप में देखते हैं, जो देश के विकास के लिए कड़े से कड़े फैसले लेने से नहीं हिचकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध प्रगाढ़ हुए हैं।"

मलीकी खुद सिनेप्रेमी हैं। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित जागरण फिल्मोत्सव के उद्घाटन सत्र के दौरान भारतीय सिनेमा के बारे में पूछने पर बताया, "भारतीय सिनेमा दुनिया का सबसे पुराना सिनेमा है। यूरोपीय लोग विशेष रूप से मोरक्को के लोग भारतीय सिनेमा देखकर भारतीय भाषाएं सीखते हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत मोरक्को में खासा लोकप्रिय है। मैं खुद कई भारतीय फिल्में देख चुका हूं।" 

मलीकी को भारतीय व्यंजन बहुत भाते हैं। उन्हें भारत की विविधता में एकता से सराबोर संस्कृति और सहिष्णुता बहुत पसंद हैं, जो चौंकाने वाली है। वह कहते हैं, "भारतीय व्यंजन बहुत लजीज होते हैं। यहां की विविधता में एकता की संस्कृति आकर्षित करती है और यह सहिष्णु देश है।"

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अलबत्ता,आतंकवाद,मुसलमान,आतंकवाद,हथकंड़ों,मोहम्मद

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