रक्षा, राजनय, रणनीति, आंतरिक सुरक्षा, एयरोस्पेस, व नागरिक उड्डयन विषयों का पहला हिन्दी-इंग्लिश पोर्टल!
June 19, 2013
|English|हिन्दी
हमारे बारे में
भारत डिफेंस कवच उन अनुभवी पत्रकारों की एक ऐसी टोली की पेशकश है जिन्होंने लंबे समय तक रक्षा, राजनय और आंतरिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों की कवरेज की। इस पोर्टल के माध्यम से अन्य प्रबुद्ध पत्रकार और इन विषयों के विशेषज्ञ भी अपने विचार आपके समक्ष रखते हैं। लंबे समय से इन विशिष्ट विषयों पर हिन्दी में एक वेब साइट की जरूरत महसूस की जा रही थी। हम पत्रकारों ने इस दिशा में पहल कर भारत डिफेंस कवच को आपके समक्ष पेश किया है। हम चाहते थे कि रक्षा, राजनय और रणनीति की जानकारी देश के हर नागरिक को हो। अभी तक इन विषयों पर अंग्रेजी में ही वेबसाइटें उपलब्ध थीं। अब हिन्दी भाषी क्षेत्रों के ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के तमाम हिन्दी भाषी लोगों को इस बात का मलाल नहीं होगा कि वे इन विषयों पर सूचना से वंचित हैं।

नीति निर्धारक हों, शिक्षाविद हों या छात्र- सबके लिए सूचना ज्ञान का दायरा बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हिन्दी और अंग्रेजी भाषाओं में का देश पहला पोर्टल भारत डिफेंस कवच रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, कूटनीति, एयरोस्पेस और नागरिक उड्डयन जैसे विषयों को सरल भाषा और चित्रों के माध्यम से इस तरह पेश करता है कि हर पाठक इन जटिल विषयों की बारीकी को समझ सके। हिन्दी के पाठक कवच का मतलब अच्छी तरह जानते हैं। हमारी पौराणिक कथाओं में कवच संपूर्ण सुरक्षा की गारंटी माना जाता था। सरकार देश को आंतरिक और बाहरी खतरों से निपटने के लिए अरबों डालर खर्च कर जो सुरक्षा कवच तैयार कर रही है, भारत डिफेंस कवच उसकी एक-एक खबर से आपको वाकिफ करता है।

भारत तेजी से एक आर्थिक ताकत बन रहा है। विश्व में भारत की साख बढ़ी है लेकिन देश की प्रगति को पटरी से उतारने के लिए सीमा पार से और सीमा के अंदर कुछ ताकतें सक्रिय हैं। भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 26 नवंबर 2008 को सीमा पार से आए आतंकियों ने हमला इसी उद्देश्य से किया था। आतंकवाद, नक्सली हिंसा, पूर्वोत्तर में सक्रिय उपद्रवी और लोकतंत्र विरोधी ताकतें देश को अंदर से भी खोखला करने में जुटी है। देश की सुरक्षा के लिए सरकार हर साल रक्षा बजट के तहत करीब 30 अरब डालर खर्च कर रही हैं। भारत डिफेंस कवच आपको बताता है कि सरकार के शस्त्रागार में आने वाले हर हथियार और रक्षा प्रणाली कैसे काम करती है, किस तरह हमारी सेनाओं की ताकत मजबूत हो रही है, अंतरराष्ट्रीय राजयन के माध्यम से हम कैसे अपनी सामरिक और आर्थिक ताकत बढ़ा रहे हैं और आप और हम कितने सुरक्षित हैं क्योंकि शांति और सुरक्षा के माहौल में ही देश की आर्थिक प्रगति संभव है।

भारत डिफेंस कवच जवानों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों की जानकारी देने के साथ ही सेवानिवृत जवानों को रोजगार के अवसर, युवाओं को सेना में भर्ती संबंधी जानकारी आदि भी उपलब्ध कराता है। उम्मीद है भारत डिफेंस कवच आपको उपयोगी लगेगा और आप अपनी राय और सुझावों से इसे और प्रभावशाली बनाने में मदद करेंगे।

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ब्रिगे. होशियार सिंह
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एवीएम बी.के.बिश्नोई
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ले.ज.सगत सिंह
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एएम एच.सी.दिवान
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ले.ज. जगजीत सिंह अरोड़ा
ले.ज. जगजीत सिंह अरोड़ा
एडमिरल एस.एम.नंदा
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भारत डिफेंस कवच की नई हिन्दी पत्रिका ‘डिफेंस मॉनिटर’ का ताजा अंक ऊपर दर्शाया गया है। इसके पहले दस पन्ने आप मुफ्त देख सकते हैं। पूरी पत्रिका पढ़ने के लिए कुछ राशि का भुगतान करना होता है। पुराने अंक आप पूरी तरह फ्री पढ़ सकते हैं। पत्रिका के अंकों पर क्लिक करें और देखें।-संपादक
Dr.
Dr. Avinash Chander DS & Chief Controller R&D
DRDO
DRDO Chief Dr.VK Saraswat
1971
1971 Indo-Pak War
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