
चेन्नई : भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) ने आशा जाहिर की है कि कुडनकुलम परमाणु विद्युत संयंत्र की प्रथम इकाई में ईंधन भरने की मंजूरी सप्ताह भर के भीतर मिल सकती है।
यह जानकारी एक शीर्ष अधिकारी ने यहां शनिवार को दी।एनपीसीआईएल ने तिरुनेलवेली जिले में स्थित इस परमाणु परियोजना में ईंधन भरने के लिए परमाणु ऊर्जा विनियामक बोर्ड से 18 अप्रैल को अनुमति मांगी थी।
एनपीसीआईएल के चेयरमैन और प्रबंधन निदेशक एस.के. जैन ने आईएएनएस से कहा, "हमें आशा है कि सप्ताह भर के भीतर बोर्ड की मंजूरी मिल जाएगी। उसके बाद हम नकली ईंधन निकाल लेंगे और असली परमाणु ईंधन भरना शुरू करेंगे।
"जैन ने कहा, "यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो ईंधन भरने का काम मई या जून तक पूरा हो जाएगा।" उन्होंने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 25 अप्रैल को लिखे पत्र का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि रिएक्टर में अगले कुछ दिनों में ईंधन भरा जाएगा और 20 दिनों में उसकी जांच कर ली जाएगी। जैन ने रिएक्टर की प्रथम इकाई की स्थिति के बारे में कहा, "परियोजना को आगे बढ़ाने के सम्बंध में राज्य सरकार की स्वीकृति मिल जाने के तीन सप्ताह के भीतर हमने आवश्यक श्रमशक्ति जुटा ली है। बिना वास्तविक ईंधन के किया गया रिएक्टर का परीक्षण 200 फीसदी सफल रहा।"
जैन ने कहा कि रिएक्टर की सम्भावित उम्र लगभग 60 वर्ष है और एनपीसीआईएल के पास सेवा के दौरान परीक्षण करने की क्षमता है, जिसके लिए बिना ईंधन के परीक्षण के बाद आकड़े जुटाए गए हैं।जैन के अनुसार, सेवा पूर्व निरीक्षण का काम चंद दिनों में पूरा हो जाएगा, जबकि आकड़े को अंतिम रूप देने का काम जारी है।जैन ने कहा, "हमने एकीकृत आपात कोर (रिएक्टर कोर) प्रशीतक प्रणाली के जांच का काम पूरा कर लिया है। यह ईंधन भरने से पहले की एक जरूरी प्रक्रिया है।