
रायपुर : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के अपहृत जिलाधिकारी एलेक्स पाल मेनन को मुक्त करने के लिए नक्सलियों ने अपनी नई मांगों के तहत 17 साथियों को रिहा करने के लिए कहा है। सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को राज्य सरकार एवं नक्सलियों द्वारा नियुक्त मध्यस्थों की बैठक के बाद यह नई मांग सामने आई है।
रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार एवं नक्सलियों के मध्यस्थों के बीच दूसरे चरण की वार्ता शुक्रवार सुबह नौ बजे शुरू हुई। प्रथम चरण की वार्ता गुरुवार को हुई थी।
इस वार्ता के लिए राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एस.के. मिश्रा को नियुक्त किया है जबकि नक्सलियों ने हैदराबाद के प्रोफेसर जी. हरगोपाल एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी बी.डी. शर्मा को नियुक्त किया है।बुच ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा था, " वार्ता बहुत ही रचनात्मक एवं सकारात्मक रही।"
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को वार्ता सरकारी अतिथि गृह में तीन घंटे से भी अधिक समय तक चली। इस दौरान दोनों पक्षों ने नक्सलियों की, उनके आठ प्रमुख साथियों की रिहाई एवं उनके खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ग्रीन हंट को बंद करने से सम्बंधित, दोनों मांगों से जुड़े सभी पक्षों पर विचार किया गया।
नक्सलियों ने 22 अप्रैल को मीडिया को भेजे ऑडियो संदेश में कहा था कि राज्य सरकार उनके आठ प्रमुख साथियों को रिहा करे।बीमार अपहृत जिलाधिकारी के पास दमे की दवा पहुंचाने वाले वामंथी नेता मनीष कुंजाम ने गुरुवार को बताया था कि मेनन ठीक एवं सुरक्षित हैं।नक्सलियों ने 2006 बैच के आईएएस अधिकारी मेनन को गत शनिवार को अगवा कर लिया था।