नई दिल्ली : भारतीय वायु सेना के 33 लड़ाकू विमान पिछले चार सालों में दुर्घटनाग्रस्त हुए। इनमें से 27 विमान मिग श्रेणी के थे। यह जानकारी सोमवार को संसद में दी गई। इस अवधि में 10 हेलीकॉप्टर भी दुर्घटनाग्रस्त हुए। रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने लोकसभा में कहा कि इन दुर्घटनाओं में 26 रक्षाकर्मियों की मौत हुई, जिनमें से 13 पायलट थे।
उनके मुताबिक एक अप्रैल 2008 से इस साल 13 मार्च तक 27 मिग (इनमें से 16 मिग-21 विमान थे), तीन सुखोई एसयू-30, दो मिराज-2000 और एक जगुआर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए। इसी अवधि में 10 हेलीकॉप्टर भी दुर्घटनाग्रस्त हुए। इन दुर्घटनाओं में छह साधारण नागरिकों की भी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि अधिकतर दुर्घटनाएं मानवीय भूल और तकनीकी खामियों के कारण हुईं। उन्होंने कहा कि हर दुर्घटना के बाद उसकी पूरी जांच की जाती है और आगे ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाते हैं।
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