
नई दिल्ली : उत्तरी ग्रिड के रविवार देर रात 2.32 बजे ठप्प हो जाने के बाद उत्तर भारत के सात राज्यों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इससे रेल, मेट्रो और सड़क यातायात ही नहीं अस्पताल भी बुरी तरह से प्रभावित रहे और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रिड फेल होने से दिल्ली में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास वाले वीवीआईपी इलाके भी दो घंटे के लिए अंधेरे में डूब गए। साथ ही बिजली संकट का असर कारोबार पर भी पड़ा, और कारोबारियों ने सरकार को बिजली क्षेत्र में सुधार लागू करने का सुझाव दिया।
पिछली बार 2001 में ऐसी समस्या आई थी, जब स्थिति को सामान्य करने में 16 घंटे लगे थे। पॉवर सिस्टम ऑपरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक वी.वी. शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और जम्मू एवं कश्मीर में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
इस दौरान जल प्रसंस्करण संयंत्र के काम नहीं करने के कारण जल आपूर्ति भी प्रभावित रही। शर्मा ने कहा कि शाम तक बिजली आपूर्ति को लगभग पूरी तरह से बहाल कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आगरा के नजदीक कहीं ग्रिड में गड़बड़ी हुई, जिससे पूरा बिजली आपूर्ति तंत्र बैठ गया। शर्मा ने कहा, "कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है।" उन्होंने कहा कि जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति जरूरी सुझाव देगी।
ग्रिड की देखरेख करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया की सहायक इकाई पॉवर सिस्टम ऑपरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों तथा भूटान से मिलने वाली बिजली से आपूर्ति बहाल करने की कोशिश करती रही। इस बीच रेलवे और दिल्ली मेट्रो को बिजली की आपूर्ति सुबह नौ बजे तक बहाल कर दी गई।
शर्मा ने कहा कि उत्तरी ग्रिड से नौ राज्यों को बिजली आपूर्ति होती है और साल के इस महीने में इसे 34 हजार से 35 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत होती है। बिजली के गुल हेाने के कारण उत्तर भारत में कई रेलगाड़ियों बीच रास्ते में खड़ी हो गईं। वहीं दिल्ली में कॉलेज और स्कूल जाने वाले छात्रों तथा अन्य यात्रियों को लम्बे समय तक मेट्रो स्टेशनों के बाहर सेवा बहाल होने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी।
कम्पनी के मुताबिक दक्षिण दिल्ली के बदरपुर के कुछ हिस्से, उत्तर प्रदेश के नरोरा और सिम्भौली और राजस्थान का भिनमा हालांकि इस बिजली संकट से अप्रभावित रहा। रोहिणी की एक गृहणी शारदा गुप्ता ने कहा, "बिजली वापस आने पर काफी राहत मिली है। हमने सबसे पहले पानी का मोटर चालू किया, क्योंकि घर में बिल्कुल पानी नहीं था।"
ऊर्जा मंत्री सुशीलकुमार शिंदे ने सोमवार को नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि अनिवार्य सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। दिल्ली के बिजली मंत्री हारुण युसुफ ने पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा पर अधिक बिजली ले लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी के कारण संकट पैदा हुआ।
दिल्ली मेट्रो के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भूटान से पनबिजली मिली। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो, प्रधानमंत्री आवास व अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) आपातकालीन सेवाओं में शामिल है। इन स्थानों पर आपूर्ति बहाल की गई।
बिजली आपूर्ति बंद होने से ट्रैफिक सिग्नल्स ने काम करना बंद कर दिया और इससे कार्यालय जाने के समय जाम की स्थिति पैदा हो गई। यातायात पुलिस हालांकि इस दौरान दिल्ली में चौक चौराहों पर स्थिति को सम्भालने की कोशिश करते देखे गए।
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक करीब 100 रेलगाड़ियां बाधित हुईं। बिजली संकट के चलते दिल्ली-कानपुर-लखनऊ और दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद और वाराणसी तथा मुरादाबाद के बीच चलने वाली कई रेलगाड़ियां रास्ते पर खड़ी हो गईं। कई महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों को डीजल इंजनों के जरिए उनके गंतव्य तक ले जाने की कोशिश की गई।
रेल यातायात सुबह आठ बजे तक सामान्य हो पाया। दिल्ली में लगभग 45 लोकल रेलगाड़ियों का संचालन भी प्रभावित हुआ। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर जनरेटर्स की मदद से हवाई सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।
बिजली संकट से कारोबार भी प्रभावित हुआ। भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को बिजली क्षेत्र में सुधार लागू करना चाहिए और बिजली घरों को समुचित कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों में आपात व्यवस्था के तौर पर जेनरेटर का उपयोग किया गया।
उत्तरी ग्रिड में खराबी आने और बिजली उत्पादन रुकने के सात घंटे बाद हिमाचल प्रदेश में पनबिजली उत्पादन फिर से शुरू हो गया। ग्रिड फेल होने से दिल्ली में वे वीवीआईपी इलाके भी सोमवार तड़के दो घंटे के लिए अंधेरे में डूब गए, जहां राष्ट्रपति भवन एवं प्रधानमंत्री आवास स्थित है।
विद्युत वितरण कम्पनी के एक अधिकारी ने बताया, "विद्युत आपूर्ति सोमवार तड़के 2.32 बजे से बाधित रही लेकिन हमने वीवीआईपी इलाकों में विद्युत आपूर्ति पांच बजे तक बहाल कर लिया था। हमें बदरपुर एवं दादरी संयंत्रों से विद्युत मिली। सुबह 10.30 बजे एनडीएमसी इलाकों में विद्युत आपूर्ति सामान्य हो गई थी।"
दिल्ली के केंद्र में स्थित लुटियंस जोन में केंद्र सरकार के सभी कार्यालय स्थित हैं और यहां देश के शीर्ष राजनीतिज्ञ, नौकरशाह एवं उद्योगपति निवास करते हैं।