नई दिल्ली : एक छात्र को डेंटल सर्जरी पाठ्यक्रम में फर्जी तरीके से दाखिला दिलाने के मामले में यहां की एक विशेष अदालत ने शनिवार को दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश अनु मल्होत्रा ने अमित कपूर और विनय कुमार को चार अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।इन दोनों को 18 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन दो दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया था।
कपूर उत्तरी दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में एक शैक्षिक परामर्श संस्थान चलाता है। उसे इस आरोप में गिरफ्तार किया गया था कि उसने फर्जी तरीका अपनाकर नयन गोयल का दाखिला डेंटल सर्जरी पाठ्यक्रम में कराया। इस पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश परीक्षा नौ जून को हुई थी।
नयन गोयल और उसके पिता अरुण गोयल जो एक निजी चिकित्सक हैं, को भी बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। 19 जुलाई को उन्हें एक अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच एजेंसी ने शनिवार को अदालत से अपील की कि कपूर और विनय को और पांच दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा जाए ताकि टेलीफोन डिटेल के आधार पर उनका आमना-सामना अन्य आरोपियों से कराया जा सके।
अदालत ने जांच एजेंसी से कहा कि वह आरोपियों के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत को लिखित रूप में अदालत में पेश करे।सीबीआई के अनुसार, अरुण गोयल उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार में एक क्लीनिक चलाता है।
उसने दिल्ली के एक कालेज में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी कोर्स में अपने बेटे का दाखिला करवाने के लिए कपूर से सम्पर्क किया। कपूर और अन्य संदिग्ध लोगों ने नयन के दाखिले के लिए अवैध तरीका अपनाया।
सीबीआई का कहना है कि कपूर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर नौ जून को हुई प्रवेश परीक्षा में नयन के बदले किसी दूसरे छात्र को बिठाया। उसने दाखिले के लिए अवैध व्यवस्था करने के एवज में नयन के पिता से कथित तौर पर 30 लाख रुपये मांगे।
अरुण गोयल ने प्रवेश परीक्षा में नयन का चयन हो जाने पर कपूर को 10 लाख रुपये दिए और शेष रकम 18 जुलाई को काउंसलिंग के दौरान दाखिले की पुष्टि होने पर देने की बात कही थी।