
नई दिल्ली/मुम्बई : कर्ज में डूबी किंगफिशर एयरलाइंस के पॉयलटों का एक वर्ग बीते पांच महीने से वेतन व अन्य बकायों का भुगतान न होने के मुद्दे को लेकर शनिवार को हड़ताल पर चला गया। इस हड़ताल की वजह से विमानन कम्पनी को अपनी 40 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं हैं, जिससे यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक परेशानी नई दिल्ली के यात्रियों को हो रही है, क्योंकि दिल्ली से 12 उड़ानें रद्द हुई हैं। मुम्बई से छह और बेंगलुरू से तीन उड़ानें रद्द की गई हैं। चेन्नई, चण्डीगढ़, देहरादून, धर्मशाला व अन्य शहरों से भी कई उड़ानें रद्द की गईं हैं।
किंगफिशर के अध्यक्ष विजय माल्या ने पायलटों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है।कर्मचारियों के नाम लिखे गए खत में माल्या ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आप सब मेरी अपील पर ध्यान देंगे और मिलजुल कर काम करेंगे ताकि किंगफिशर को उसका वाजिब स्थान हासिल हो।
"उन्होंने कहा, "मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं। यदि आप में से कुछ लोग सोचते हैं कि उड़ानें रद्द करने और कम्पनी को बदनाम करने से नकदी और वेतन हासिल होता है, तो वे गलत हैं।"उन्होंने कहा, "इससे सिर्फ पूंजी जुटाने की हमारी कोशिशों के सामने अधिक कठिनाई पैदा होगी।
"उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने विमानन कम्पनी में और अधिक धन का निवेश किया है तो इसका सिर्फ एक कारण यह है कि उन्हें आगे कुछ उम्मीद है।माल्या ने कहा कि वह युनाइटेड ब्रुअरीज समूह की कम्पनियों में किंगफिशर को सबसे अधिक समय दे रहे हैं और किंगफिशर एयरलाइंस की शुरुआत से लेकर अब तक इसमें चार हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर चुके हैं।
किंगफिशर के एक अधिकारी ने बताया, "75 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी वास्तव में शुक्रवार को अपना वेतन पा चुके हैं।"अधिकारी ने बताया, "हमने वादा किया था कि हमारे बचे हुए कर्मचारियों को सोमवार तक वेतन मिल जाएगा।
"अधिकारी ने बताया कि इन रद्द उड़ानों में टिकट बुक करा चुके यात्रियों के टिकट या तो दोबारा बुक कराए जा चुके हैं या उनका पैसा वापस किया जा चुका है।बीते 12 दिनों में पायलटों की यह तीसरी हड़ताल है।