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May 24, 2013
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  • कांग्रेस सांसद सुधाकरन के खिलाफ जांच की मांग
  • Jun 30 2012 9:39:40:890PM
  • by आईएएनएस
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  • कांग्रेस

    तिरुवनंतपुरम :  मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केरल राज्य इकाई के सचिव पिनरई विजयन ने शनिवार को राज्य सरकार से मांग की कि गोलीबारी के एम मामले में नए खुलासे के बाद कांग्रेस के लोकसभा सदस्य के.सुधाकरन के खिलाफ एक मामला दर्ज किया जाए और उसकी जांच शुरू की जाए।

    सुधाकरन केरल में मंत्री रहे हैं और इस समय कन्नूर से लोकसभा सदस्य हैं।विजयन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि नया खुलासा सुधाकरन के पूर्व सहयोगी (प्रशांत बाबू) ने किया है जो कि उनका वाहन चालक भी था।विजयन ने कहा कि प्रशांत बाबू ने खुलासा किया है कि कन्नूर में हुए दो अन्य हमलों में सुधाकरन की संलिप्तता रही है।

    इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दूसरा गम्भीर रूप से घायल हो गया था।ज्ञात हो कि 12 अप्रैल, 1995 को राजधानी एक्सप्रेस से नई दिल्ली से कन्नूर जा रहे मौजूदा माकपा विधायक जयराजन पर आंध्र प्रदेश के चिराला में गोली चलाई गई थी।विजयन ने कहा, "नए रहस्योद्घाटन के आलोक में राज्य के गृह मंत्रालय को चाहिए कि वह पुलिस को सुधाकरन के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दे।

    "घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जयराजन ने कहा कि यह विदित है कि उनपर गोलीबारी के लिए कुछ लोगों का एक समूह बनाया गया था, जिन्होंने उन पर गोली चलाई थी।जयराजन ने कहा, "अब जबकि सुधाकरन का नाम सामने आया है, पुलिस को सच्चाई का पता लगाना चाहिए।

    "वहीं, सुधाकरन ने संवाददाताओं से कहा कि प्रशांत बाबू उनका कभी करीबी सहयोगी नहीं रहा है, जैसा कि जिक्र किया गया है, बल्कि मात्र एक महीना के लिए वह उनका वाहन चालक था। उन्होंने कहा, "मैं किसी भी जांच में सहयोग करूंगा और नए खुलासों की जांच कराई जाती है तो मैं उसका स्वागत करूंगा।

    लेकिन यह पता होना चाहिए कि बाबू आजकल बेरोजगार है और माकपा सदस्यों द्वारा संचालित एक बैंक की उसकी नौकरी जा चुकी है। चूंकि वह नौकरी चाहता है, इसलिए उसे माकपा को खुश करना है।"गृह मंत्री टी. राधाकृष्णन ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार ने एक नीति बनाई है कि नए रहस्योद्घाटन में यदि कोई सच्चाई पाई गई तो मामले की जांच कराई जाएगी।

    पुलिस महानिदेशक जैकब पुन्नूसे ने कहा कि पुलिस के पास एक मानक प्रक्रिया है कि सबसे पहले खुलासा करने वाले व्यक्ति से पूछताथ की जाए। उसके बाद उससे मिली जानकारी की सच्चाई के आधार पर पुलिस तय करेगी कि मामले में आगे बढ़ना है या नहीं।

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