
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त नीरज कुमार ने आतंकवाद को दिल्ली पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए जनता और पुलिस के बीच बेहतर सम्बंधों पर बल दिया है। दूसरी ओर निवर्तमान पुलिस आयुक्त बी. के. गुप्ता ने दिल्ली पुलिस के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल को संतोषजनक बताया है।
दिल्ली पुलिस के निवर्तमान आयुक्त बी. के. गुप्ता के विदाई समारोह में शनिवार को नीरज ने कहा, "आतंकवाद दिल्ली पुलिस की शीर्ष चुनौती है। अबु जिंदाल की गिरफ्तारी का यह अर्थ नहीं है कि राजधानी से आतंकवाद के बादल छंट गए हैं।
यह निरंतर जारी रहने वाली स्थिति है।"दिल्लीवासियों तथा पुलिस के बीच बेहतर सम्बंधों की आवश्यकता पर बल देते हुए नीरज ने कहा, "लोगों के साथ हमारी निकटता व जुड़ाव में सुधार होना चाहिए। मैं हालांकि ऐसा नहीं कह रहा कि यह अभी खराब है। और अधिक सम्मानजनक स्थिति की आवश्यकता है।
"नीरज ने कहा, "यह बड़ी जिम्मेदारी है और मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम अपना बेहतर काम करेंगे।"नीरज ने दिल्ली को बलात्कार की राजधानी कहे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "बलात्कार के तकरीबन 95 प्रतिशत मामलों के आरोपी, पीड़ित के करीबी होते हैं। ऐसे में दिल्ली को बलात्कार की राजधानी कहे जाने की धारणा बदलने की जरूरत है।
"भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वर्ष 1976 बैच के अधिकारी नीरज ने निवर्तमान पुलिस आयुक्त गुप्ता का स्थान लिया है। गुप्ता शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने पुलिस में 37 साल से अधिक की सेवा दी है। नीरज इससे पहले महानिदेशक (जेल) थे।वहीं, शनिवार को सेवानिवृत्त होने वाले गुप्ता ने दिल्ली पुलिस प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल को संतोषजनक बताया।
साथ ही उन्होंने दिल्ली के लोगों से पुलिस को उचित सम्मान देने के लिए कहा।अपने विदाई समारोह में गुप्ता ने कहा, "मैं अपने कार्यकाल से संतुष्ट हूं। इस दौरान मैंने उन सभी लक्ष्यों को हासिल किया, जिन्हें मैंने निर्धारित किया था।"पुलिस के कामकाज को बेहद कठिन करार देते हुए गुप्ता ने दिल्लीवासियों से यह भी कहा कि वे पुलिसकर्मियों को उचित सम्मान दें। उन्होंने कहा,
"धूप में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी घंटों खड़ा होना मुश्किल काम है। लोगों को पुलिस का सम्मान करना चाहिए।"गुप्ता ने 10 नवम्बर, 2010 को वाई. एस. डडवाल से दिल्ली पुलिस के आयुक्त का पदभार ग्रहण किया था।