
कोलकाता : राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार पुर्णो ए. संगमा ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी से समर्थन मांगा, लेकिन वह इसे हासिल करने में विफल रहे।
संगमा ने ममता के साथ हुई मुलाकात को बहुत अच्छा करार देते हुए कहा कि वह ढेर सारी उम्मीदों के साथ कोलकाता से रवाना हो रहे हैं। ममता ने कहा कि उन्हें समर्थन देने पर फैसला पार्टी में चर्चा के बाद लिया जाएगा।
राज्य सचिवालय रायटर्स बिल्डिंग में ममता से करीब 30 मिनट तक मुलाकात के बाद संगमा ने संवाददाताओं से कहा, "मैं ममता दीदी से समर्थन मांगने यहां आया था। बैठक बहुत अच्छी रही। राष्ट्रपति चुनाव के अतिरिक्त हमने देश में राजनीतिक परिदृश्य पर भी चर्चा की।
"उन्होंने कहा, "मैं बैठक के परिणाम से बहुत खुश हूं और ममता दीदी के समर्थन की उम्मीद के साथ लौट रहा हूं।"मीडिया को अधिकतर बांग्ला में सम्बोधित करते हुए संगमा ने उन दिनों को भी याद किया जब वर्ष 2004 में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) छोड़ दी थी और ममता ने उनकी मदद की थी।
संगमा ने तब अपने धड़े का विलय तृणमूल में कर दिया था।लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष संगमा ने कहा, "इस समय भी मुझे उनके समर्थन की उम्मीद है। अंतिम निर्णय अभी लिया जाना है।"रेल मंत्री और तृणमूल के महासचिव मुकुल रॉय ने कहा कि पार्टी अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है।
उन्होंने कहा, "संगमा जी ने समर्थन मांगा। पार्टी में चर्चा के बाद हम सही समय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे और उन्हें सूचित करेंगे। अभी बहुत समय बचा है। इसलिए जल्दबाजी की कोई आवश्यकता नहीं है।
"संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे संगमा को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुछ घटक दलों के साथ-साथ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और बीजू जनता दल (बीजद) का समर्थन हासिल है।
उधर, भुवनेश्वर में संगमा के बेटे कोनराड संगमा ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात की।