रक्षा, राजनय, रणनीति, आंतरिक सुरक्षा, एयरोस्पेस, व नागरिक उड्डयन विषयों का पहला हिन्दी-इंग्लिश पोर्टल!
May 25, 2013
|English|हिन्दी
  • प्रणब ने फिर मांगा ममता से समर्थन
  • Jun 23 2012 7:46:48:867PM
  • by आईएएनएस
  • print
  • |
  • View(s): 81
  • प्रणब

    कोलकाता : संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि केंद्र सरकार में भागीदार एक दल को छोड़कर उन्हें गठबंधन के सभी दलों का समर्थन मिला है। निश्चित तौर पर प्रणब का इशारा तृणमूल कांग्रेस की तरफ था। प्रणब ने वित्तमंत्री के पद से रविवार को इस्तीफा देने की घोषणा भी की।

    उन्होंने शनिवार को कहा, "मैं संप्रग का उम्मीदवार हूं। एक को छोड़कर सरकार में भागीदार सभी दलों ने मुझे समर्थन दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों ने भी मुझे समर्थन दिया है।

    "प्रणब ने कहा है कि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), फारवर्ड ब्लॉक, जनता दल (युनाइटेड) एवं शिव सेना जैसे दल जो संप्रग से नहीं जुड़े हैं उन्होंने भी उम्मीदवारी का समर्थन किया है। कांग्रेस के इस दिग्गज नेता ने कहा, "जो लोग पहले से ही निर्णय ले चुके हैं वे अपने दल के निर्णय के अनुसार मतदान करेंगे।"

    वित्त मंत्री ने उन दलों से समर्थन मांगा जिन्होंने अभी तक इस विषय में कोई निश्चय नहीं किया है।उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने अभी तक निर्णय नहीं लिया है मैं उनसे संप्रग उम्मीदवार को समर्थन देने की अपील करता हैं।" प्रणब की यह अपील स्पष्ट तौर पर तृणमूल कांग्रेस के लिए थे।संप्रग की दूसरी सबसे बड़ी घटक तृणमूल ने अभी तक राष्ट्रपति चुनाव में अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।

    दरअसल तृणमूल ने पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चयन किया था। लेकिन कलाम ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया।राष्ट्रपति चुनाव के तहत 19 जुलाई को होने वाले मतदान में प्रणब के खिलाफ पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा खड़े हैं

    जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बीजू जनता दल (बीजद) एवं ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके) का समर्थन प्राप्त है।प्रणब ने कहा कि वह रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा, "मैं 24 जून को इस्तीफा दूंगा।

  • Post a comment
  • Name *
  • Email address *

  • Comments *
  • Security Code *
  •       
    कमेंट्स कैसे लिखें !
    जिन पाठकों को हिन्दी में टाइप करना आता है, वे युनीकोड मंगल फोंट एक्टिव कर हिन्दी में सीधे टाइप कर सकते हैं। जिन्हें हिन्दी में टाइप करना नहीं आता वे Roman Hindi यानी कीबोर्ड के अंग्रेजी अक्षरों की मदद से भी हिन्दी में टाइप कर सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि आप लिखना चाहें- “भारत डिफेंस कवच एक उपयोगी पोर्टल है’, तो अंग्रेजी कीबोर्ड से टाइप करें, bharat defence kavach ek upyogi portal hai. हर शब्द के बाद स्पेस बार दबाएंगे तो अंग्रेजी का अक्षर हिन्दी में टाइप होता चला जाएगा। यदि आप अंग्रेजी में अपने विचार टाइप करना चाहें तो वह विकल्प भी है।
फील्ड मार्शल मानेकशॉ
फील्ड मार्शल मानेकशॉ
ब्रिगे. होशियार सिंह
ब्रिगे. होशियार सिंह
फील्ड मार्शल मानेकशॉ
फील्ड मार्शल मानेकशॉ
एवीएम बी.के.बिश्नोई
एवीएम बी.के.बिश्नोई
ले.ज.सगत सिंह
ले.ज.सगत सिंह
एएम एच.सी.दिवान
एएम एच.सी.दिवान
ले.ज. जगजीत सिंह अरोड़ा
ले.ज. जगजीत सिंह अरोड़ा
एडमिरल एस.एम.नंदा
एडमिरल एस.एम.नंदा
डिफेंस मॉनिटर   Viewed: 476


भारत डिफेंस कवच की नई हिन्दी पत्रिका ‘डिफेंस मॉनिटर’ का ताजा अंक ऊपर दर्शाया गया है। इसके पहले दस पन्ने आप मुफ्त देख सकते हैं। पूरी पत्रिका पढ़ने के लिए कुछ राशि का भुगतान करना होता है। पुराने अंक आप पूरी तरह फ्री पढ़ सकते हैं। पत्रिका के अंकों पर क्लिक करें और देखें।-संपादक
Dr.
Dr. Avinash Chander DS & Chief Controller R&D
DRDO
DRDO Chief Dr.VK Saraswat
1971
1971 Indo-Pak War
Must
Must Watch Videos