अफ्रीकी और चीनी फौजियों को भी भारतीय डाक्टर सिखाते हैं योग
योग से पर्वतों पर तैनात भारतीय सैनिकों को मिली ताकत
नई दिल्लीः बाबा रामदेव हाल में भले ही अन्य कारणों से सुर्खियों में रहे लेकिन उनकी योग साधना सैनिकों के बहुत काम आ रही है। विशेष रूप से बर्फीले ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैनिकों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने में योग साधना काफी उपयोगी साबित हुई है। इतना ही नहीं, कोंगो में संयुक्त राष्ट्र के झंडे तले गई भारतीय शांति सेना के अस्पताल में भर्ती पाकिस्तानी, चीनी और अफ्रीकी सैनिकों को भी योग की लत लग गई है।
हाल ही में डीआरडीओ प्रमुख डा.वी.के.सारस्वत ने बताया कि अभी तक सैनिकों को शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए योग का प्रशिक्षण दिया जाता था लेकिन अब डीआरडीओ की जीवन विज्ञान प्रयोगशालाएं सैनिकों की मानसिक मजबूती के लिए भी योग का प्रशिक्षण दे रही हैं। पहाड़ों पर तैनात सैनिकों के लिए ‘सूर्य नमस्कार’ का अभ्यास विशेष उपयोगी साबित हुआ है। साथ ही प्राणायाम के जरिए मानसिक शांति और दिमागी मजबूती हासिल करने में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ब्रिटेन की रक्षा प्रयोगशाला डीएसटीएल और डीआरडीओ के बीच हुए समझौते के तहत जिन परियोजनाओं पर साझा काम होगा उनमें से अधिकतर योग साधना समेत जीवन विज्ञान के क्षेत्र में होगा।
कुछ अर्सा पहले कोंगो में तैनात रहे भारतीय सेना के एक डाक्टर ने एक रोचक जानकारी दी कि कोंगो में गोमा में भारतीय सेना का लेवल-3 स्तर का एक 25 बिस्तरों वाला अस्पताल है। यहां शांति सैनिकों के तौर पर कोंगो में तैनात भारत, पाकिस्तान, चीन,अफ्रीका आदि देशों के जवानों का इलाज किया जाता है।
डाक्टर ने बताया कि पाकिस्तानी मरीज चीनी अस्पताल में इलाज कराने के बजाय भारतीय डाक्टरों से इलाज कराने भारतीय अस्पताल में भर्ती होने को लालायित रहते हैं।
पाकिस्तानी सैनिकों को न तो चीनी डाक्टरों के इलाज पर भरोसा है और न ही उनकी दवा व खाने पर। अधिकारी डाक्टर ने बताया कि भारतीय अस्पताल में इलाज कराने आने वाले पाकिस्तानी व अन्य सैनिकों को जब योग अभ्यास कराया गया तो उन्हें बहुत अच्छा लगा और वे पूरे मनोयोग से अभ्यास करते हैं।
एक रोचक बात यह भी पता चली कि कोंगो में तैनात भारतीय वायुेसेना के सैनिकों और हेलीकॉप्टरों को सुरक्षा प्रदान करने का काम पाकिस्तानी सैनिक करते हैं।