
नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कम्पनी एयर इंडिया के हड़ताल कर रहे पायलटों की एक याचिका पर केंद्र सरकार और एयर इंडिया प्रबंधन को नोटिस दिया।
याचिका में मार्च माह के वेतन की मांग की गई है। न्यायमूर्ति एस.पी. गर्ग ने मामले की सुनवाई के बाद कहा, "उत्तरदाताओं (सरकार और एयर इंडिया) को नाटिस भेजी जाए। एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल की जाए।"अदालत मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को करेगी।
पायलटों की वकील पिंकी आनंद ने अदालत से कहा, "करीब 450 पायलटों का वेतन बकाया है। याचिका का वर्तमान हड़ताल से कोई सम्बंध नहीं है।" अदालत ने पूछा था कि जब वे हड़ताल पर हैं, तो उनके मामले की सुनवाई कैसे हो सकती है।एयर इंडिया के वकील ललित भसीन ने कहा,
"जब तक वे अपनी हड़ताल बंद नहीं करते, उनकी याचिका नहीं सुनी जानी चाहिए।"विमानन कम्पनी ने मई के आखिर में अपने कर्मचारियों के मार्च के मूल वेतन का भुगतान कर दिया और उत्पादन से सम्बंधित प्रोत्साहनों का भुगतान आठ जून को किया गया।उल्लेखनीय है कि विमानन कम्पनी 300 और हड़ताली पायलटों को बर्खास्त करने पर विचार कर रही है।
101 पायलटों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। नए पायलटों की भर्ती के लिए भी विज्ञापन प्रकाशित किया गया है।पायलटों की 37 दिन पुरानी हड़ताल से विमानन कमपनी की अंतर्राष्ट्रीय सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और कम्पनी अपनी 45 में से 38 सेवाओं का ही संचालन कर पा रही हैं।
पायलट पुरानी विमानन कम्पनी इंडियन एयरलाइंस से सम्बंधित पायलटों को बोइंग 787 ड्रीमलाइनर पर प्रशिक्षण दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।