
नई दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कम्पनी एयर इंडिया ने सोमवार को नए पायलटों की नियुक्ति का विज्ञापन प्रकाशित किया। इसके साथ ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय विमानन अपने 300 और हड़ताली पॉयलट्स को बर्खास्त कर सकती है।
अजीत सिंह ने आईएएनएस से कहा, "पॉयलट्स मई से ही अवैध रूप से हड़ताल पर हैं। आखिर वे काम पर लौटने के लिए हमसे कितना इंतजार करवाना चाहते हैं? यदि स्थिति जस की तस बनी रही तो बाकी 300 पॉयलट्स भी बर्खास्त किए जा सकते हैं। लेकिन यह निर्णय एयर इंडिया प्रबंधन द्वारा लिया जाएगा।
"सिंह ने कहा, "इस अवैध हड़ताल से न केवल विमानन कम्पनी को बड़ा नुकसान हुआ है, बल्कि एयर इंडिया से यात्रियों का भरोसा भी उठा है। यदि वे काम पर लौटना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है।"हड़ताली पायलट्स से सम्पर्क करने पर उन्होंने कहा कि वे हालात का अध्ययन कर रहे हैं और फिलहाल हड़ताल पर हैं।
मान्यता खो चुके युनियन, इंडियन पॉयलट्स गिल्ड (आईपीजी) की समिति के एक वरिष्ठ सदस्य ने आईएएनएस से कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। इस मामले में हम सभी एकजुट हैं और हमारी एकता नहीं टूटेगी। हमारी एक मात्र मांग फिलहाल यह है कि बर्खास्त साथियों को बहाल किया जाए और हमारे युनियन को मान्यता दी जाए।
"इसके पहले एयर इंडिया प्रबंधन ने आईपीजी के सदस्य रहे 101 पॉयलटों को बर्खास्त कर दिया था। आईपीजी पूर्व की एयर इंडिया के पायलट्स का प्रतिनिधित्व करता है। आईपीजी से सम्बद्ध पॉयलट्स आठ मई को उस कदम के खिलाफ हड़ताल पर चले गए थे,
जिसके तहत इंडियन एयरलाइंस के पॉयलट्स को, जल्द बेड़े में शामिल होने वाले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर पर प्रक्षिण दिया जा रहा था।विमानन कम्पनी ने अपनी वेबसाइट पर पांच सालों के कान्ट्रैक्ट के साथ नए पायलटों की नियुक्ति का विज्ञापन प्रकाशित किया है।
यह विज्ञापन कमांडर और सह-पायलट दोनों पदों के लिए है, जो बोइंग 777, 747 और 737 विमान उड़ा सकते हैं। आवेदकों का साक्षात्कार होगा और मुम्बई में उन्हें सिमुलेटर परीक्षण से गुजरना होगा।कम्पनी ने नियुक्ति प्रक्रिया की अंतिम तिथि 23 जुलाई तय की है। कम्पनी को 100 पायलटों की नियुक्ति का अनुमान है।
पायलटों की हड़ताल 35 दिनों से जारी है, जिसके कारण एयर इंडिया की अंतर्राष्ट्रीय सेवा चरमरा गई। कम्पनी 45 अंतर्राष्ट्रीय सेवाओं में से मात्र 38 उड़ानें ही संचालित कर पा रही है।