
नई दिल्ली : रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने शनिवार को दक्षिण चीन सागर में नौवहन की आजादी का आह्वान किया, जहां बीजिंग का अन्य कई देशों के साथ समुद्री क्षेत्र को लेकर विवाद चल रहा है।
एंटनी ने यह मांग सिंगापुर में अंतर्राष्ट्रीय रणनीतिक अध्ययन संस्थान द्वारा आयोजित 11वें एशिया सुरक्षा सम्मेलन में रखी।एंटनी ने कहा कि चूंकि सभी देश समुद्री क्षेत्र में उपस्थित चुनौतियों के जवाब में अपनी क्षमताएं बढ़ाना चाहते हैं, इसलिए विवादों से बचने और आमसहमति बनाने की भी आवश्यकता है।
दक्षिण चीन सागर में विवादों का जिक्र करते हुए एंटनी ने कहा कि भारत ने बातचीत में शामिल होने को लेकर उत्सुक पक्षों के प्रयासों का स्वागत किया है।एंटनी ने कहा, "नई दिल्ली ने हाल ही में चीन और आसियान के बीच पक्षों के आचरण से सम्बंधित 2002 के घोषणा पत्र के क्रियान्वयन पर दिशानिर्देशों को लेकर बनी सहमति का भी स्वागत किया है।
हम आशा करते हैं कि मुद्दे संवाद और बातचीत के जरिए सुलझा लिए जाएंगे।"चीन ने वियतनाम के तेल दोहन व्यापार में भारत के प्रवेश को अन्यथारूप में लिया है। चीन ने इस समुद्री क्षेत्र में भारतीय युद्ध पोतों के प्रवेश पर आपत्ति भी की है।देश की सुरक्षा चिंताओं का जिक्र करते हुए एंटनी ने कहा कि यह विस्तृत हिंदमहासागर क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि से गहरे रूप से जुड़ी हुई है।
इस क्षेत्र में एशिया प्रशांत क्षेत्र भी शामिल है।एंटनी ने कहा कि समुद्री अधिकार क्षेत्र से सम्बंधित विवादास्पद मुद्दों को संवाद, और सहमति बनाकर तथा अंतर्राष्ट्रीय कानून के स्वीकार्य सिद्धांतों के दायरे के भीतर सुलझाया जाना चाहिए।
छोटे देशों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनने का अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह करते हुए एंटनी ने कहा कि समुद्री लूट निरोधी उपायों में दिखाई गई सहयोग की भावना विवादास्पद समुद्री मुद्दों को विवादमुक्त बनाने तक विस्तारित की जा सकती है।