रक्षा, राजनय, रणनीति, आंतरिक सुरक्षा, एयरोस्पेस, व नागरिक उड्डयन विषयों का पहला हिन्दी-इंग्लिश पोर्टल!
May 24, 2013
|English|हिन्दी
  • अमेरिका से किए समझौते को अफगान संसद में मंजूरी
  • May 26 2012 10:39:32:413PM
  • by आईएएनएस
  • print
  • |
  • View(s): 74
  • अमेरिका

    काबुल : अफगानिस्तान की संसद के निचले सदन वोलेसी जिरगा में शनिवार को अमेरिका के साथ एक सामरिक समझौते को मंजूरी मिल गई। राष्ट्रपति हामिद करजई व उनके अमेरिकी समकक्ष बराक ओबामा ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

    दोनों नेताओं ने एक मई को काबुल में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता अमेरिकी सेना को 2014 की समयसीमा के बाद भी अफगानिस्तान में टिकने की इजाजत देता है। साल 2014 तक नाटो सेना के करीब 130,000 सैनिक अफगानिस्तान से रवाना हो जाएंगे।

    समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक शनिवार के संसद सत्र में वोलेसी जिरगा के 249 सदस्यों में से 183 सदस्य ही मौजूद थे। इनमें से 168 सांसदों ने समझौते को मंजूरी दे दी। केवल छह सदस्यों ने समझौते के खिलाफ वोटिंग की।

    सांसद हबीबा दानिश ने कहा, "वोलेसी जिरगा के सदस्यों ने अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई व उनके अमेरिकी समकक्ष बराक ओबामा के बीच इस महीने की शुरुआत में हुए सामरिक भागीदारी समझौते को आज के सत्र में भारी बहुमत से मंजूरी दे दी।"

    अब इस समझौते को उच्च सदन या मुशरानो जिरगा की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद अंत में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह एक कानूनी दस्तावेज बन जाएगा।

    अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों द्वारा इस समझौते को क्षेत्रीय अस्थिरता के रूप में देखे जाने की खबरों के बीच करजई ने शुक्रवार को आश्वासन दिया था कि अमेरिका संग भागीदारी से कोई खतरा नहीं है।

    करजई ने अफगानिस्तान यात्रा पर पहुंचे फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रेंकोइस होलैंड संग एक संयुक्त प्रेस सम्मेलन में कहा था, "अफगानिस्तान की जमीन से पड़ोसी देशों के लिए कोई खतरा नहीं है।"

  • Post a comment
  • Name *
  • Email address *

  • Comments *
  • Security Code *
  •       
    कमेंट्स कैसे लिखें !
    जिन पाठकों को हिन्दी में टाइप करना आता है, वे युनीकोड मंगल फोंट एक्टिव कर हिन्दी में सीधे टाइप कर सकते हैं। जिन्हें हिन्दी में टाइप करना नहीं आता वे Roman Hindi यानी कीबोर्ड के अंग्रेजी अक्षरों की मदद से भी हिन्दी में टाइप कर सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि आप लिखना चाहें- “भारत डिफेंस कवच एक उपयोगी पोर्टल है’, तो अंग्रेजी कीबोर्ड से टाइप करें, bharat defence kavach ek upyogi portal hai. हर शब्द के बाद स्पेस बार दबाएंगे तो अंग्रेजी का अक्षर हिन्दी में टाइप होता चला जाएगा। यदि आप अंग्रेजी में अपने विचार टाइप करना चाहें तो वह विकल्प भी है।
फील्ड मार्शल मानेकशॉ
फील्ड मार्शल मानेकशॉ
ब्रिगे. होशियार सिंह
ब्रिगे. होशियार सिंह
फील्ड मार्शल मानेकशॉ
फील्ड मार्शल मानेकशॉ
एवीएम बी.के.बिश्नोई
एवीएम बी.के.बिश्नोई
ले.ज.सगत सिंह
ले.ज.सगत सिंह
एएम एच.सी.दिवान
एएम एच.सी.दिवान
ले.ज. जगजीत सिंह अरोड़ा
ले.ज. जगजीत सिंह अरोड़ा
एडमिरल एस.एम.नंदा
एडमिरल एस.एम.नंदा
डिफेंस मॉनिटर   Viewed: 454


भारत डिफेंस कवच की नई हिन्दी पत्रिका ‘डिफेंस मॉनिटर’ का ताजा अंक ऊपर दर्शाया गया है। इसके पहले दस पन्ने आप मुफ्त देख सकते हैं। पूरी पत्रिका पढ़ने के लिए कुछ राशि का भुगतान करना होता है। पुराने अंक आप पूरी तरह फ्री पढ़ सकते हैं। पत्रिका के अंकों पर क्लिक करें और देखें।-संपादक
Dr.
Dr. Avinash Chander DS & Chief Controller R&D
DRDO
DRDO Chief Dr.VK Saraswat
1971
1971 Indo-Pak War
Must
Must Watch Videos