
नई दिल्ली/मुम्बई : सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कम्पनी एयर इंडिया ने पायलटों की अघोषित हड़ताल शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रहने के कारण 14 उड़ानें रद्द कर दीं और कई उड़ानों की समय सारणी में बदलाव किया। उधर हड़ताल कर रहे पायलटों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
कम्पनी की सस्ती सेवा एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी छह उड़ानें रद्द कीं।एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "14 उड़ानें रद्द की गईं और घरेलू मार्गो पर कुछ उड़ानों की समय सारणी में बदलाव किया जा सकता है। हम हर घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और यात्रियों को इसकी समय पर सूचना दे रहे हैं।
"अधिकारी ने कहा, "हमारी कार्यकारी और आरक्षित पायलटों की सेवा लेने की योजना है। हम प्रभावित मार्गो पर चार-पांच विमान किराये पर भी लेना चाहते हैं।"कम्पनी ने अत्यधिक लम्बे मार्गो के लिए 15 मई तक टिकटों की बिक्री बंद कर दी है और उसे रोजाना अमेरिका और यूरोप के कुछ गंतव्यों तथा शंघाई, हांगकांग और सिंगापुर के लिए 15 उड़ानें रद्द करनी पड़ रही है।
इस बीच हड़ताल करने वाले पायलटों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।पायलटों ने कहा कि वे वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार ने पेशकश को ठुकरा दिया और कहा कि जब तक पायलट काम पर नहीं लौटते, तब तक कोई बातचीत नहीं की जा सकती।उधर विमानन कम्पनी के अधिकारियों ने कहा, "हम एक योजना पर काम कर रहे हैं।
इसके तहत अंतर्राष्ट्रीय मार्गो पर उड़ानों की एक न्यूनतम संख्या का संचालन किया जाएगा। अगले सप्ताह के शुरू से इस योजना पर अमल किया जा सकता है।"इस बीच एयर इंडिया प्रबंधन ने पिछले चार दिनों में हड़ताल पर गए 71 पायलटों को बर्खास्त कर दिया है और भारतीय पायलट गिल्ड (आईपीजी) की मान्यता समाप्त कर दी है।
कम्पनी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से अनुरोध किया है कि पायलटों के फ्लाइंग लाइसेंस समाप्त किए जाएं।मंगलवार को आईपीजी के सदस्य बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान को उड़ाने का प्रशिक्षण पूर्व विमानन कम्पनी इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को देने के विरोध में सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश पर चले गए थे।
कम्पनी ने सर्वोच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की है।