
नई दिल्ली/मुम्बई : लगातार चौथे दिन शुक्रवार को भी पायलटों के सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश पर रहने के कारण एयर इंडिया को अपने बोइंग 777 विमानों के बेड़े को हवाई अड्डों पर खड़ा रखने पर मजूबर होना पड़ा है। एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "हमने 777 बेड़े के लगभग सभी विमानों को खड़ा कर दिया है।
इनमें से कुछ मुम्बई में और शेष दिल्ली में हैं। कुछ हांगकांग एवं शंघाई जैसे गंतव्यों के लिए संचालित हो रहे हैं लेकिन वह भी पायलटों की उपलब्धता पर निर्भर है।" एयरलाइन ने कहा कि विमानों को न उड़ाने का कारण प्रशिक्षित पायलटों की कमी है।अधिकारी ने बताया, "सभी पायलट इस प्रकार के विमान को नहीं उड़ा सकते।
जो पायलट हड़ताल पर हैं उन्हें इन विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण प्राप्त है। यदि यह गतिरोध जारी रहा तो हमें अपने सारे विमानों को खड़ा करना पड़ेगा।" एयर इंडिया के बेड़े में 17 बोइंग 777 विमान हैं।एयर इंडिया के पायलट पूर्व के इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को ड्रीमलाइनर विमान पर प्रशिक्षण देने की योजना का विरोध करते हुए सोमवार मध्य रात्रि से अचानक सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश पर चले गए।
एयर इंडिया ने हड़ताल के कारण लम्बी दूरी की अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बूकिंग 15 मई तक बंद कर दी है। इसके अलावा अमेरिका, यूरोप, सिंगापुर और हांगकांग जाने वाली प्रतिदिन औसतन 15 उड़ानों को भी रद्द करना पड़ रहा है।एयरलाइन ने अब तक 46 पायलटों को बर्खास्त करने के साथ ही हड़ताल के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने एयर इंडिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए पायलटों की हड़ताल पर रोक लगा दी थी। एयर इंडिया ने शुक्रवार को छह उड़ानों को रद्द किया।